
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण का प्रचार मंगलवार शाम थम गया है और अब सारा सियासी सस्पेंस 6 नवंबर पर टिक गया है।
इस फेज में 18 जिलों की 121 सीटों पर 1314 उम्मीदवार मैदान में हैं, और हर सीट पर एक से बढ़कर एक “राजनीतिक शो” देखने को मिलेगा — कहीं “मंत्री की कुर्सी” खतरे में है, तो कहीं “भोजपुरी स्टार” की स्टारडम की परीक्षा।
नीतीश कैबिनेट के 16 मंत्री मैदान में — “कुर्सी बचाओ अभियान” शुरू
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कैबिनेट के 16 मंत्री अपनी सियासी जमीन बचाने उतरे हैं — बीजेपी के 11 और जेडीयू के 5 मंत्री।
मंगल पांडे (सीवान), नितिन नवीन (बांकीपुर), सम्राट चौधरी (तारापुर), विजय कुमार सिन्हा (लखीसराय), संजय सरावगी (दरभंगा शहरी) और सुनील कुमार (बिहारशरीफ) जैसे नाम अब जनता के मूड पर निर्भर हैं।
वहीं जेडीयू के विजय कुमार चौधरी, श्रवण कुमार, मदन सहनी और महेश्वर हजारी अपनी “पुरानी पकड़” पर भरोसा जता रहे हैं।
जनता कह रही है — “विकास का बटन दबा देंगे, लेकिन EVM में बिजली होनी चाहिए।”
तारापुर सीट: सम्राट चौधरी बनाम तीन धुरंधर
तारापुर इस बार “सम्राट की प्रतिष्ठा” से जुड़ गई है। यहां बीजेपी के सम्राट चौधरी को आरजेडी के अरुण साह और जन सुराज के संतोष कुमार से टक्कर है। साथ ही जनशक्ति जनता दल के सुखदेव यादव मुकाबले को त्रिकोणीय बना रहे हैं।
जनता कहती है — “सम्राट हैं, पर जन सुराज वाले भी कम नहीं!”
राघोपुर सीट: “लालू परिवार की इज़्ज़त” दांव पर
तेजस्वी यादव के लिए राघोपुर सीट सिर्फ सीट नहीं, साख है। उन्हें चुनौती दे रहे हैं NDA के सतीश यादव और जन सुराज के चंचल कुमार। राघोपुर में इस बार मुकाबला परिवार की विरासत और विरोधियों के जोश के बीच है।
लोगों का कहना है — “यहां हर वोट में थोड़ा सा लालू और थोड़ा सा बदलाव है।”
मोकामा सीट: बाहुबलियों का असली रणक्षेत्र
मोकामा इस बार फिर सुर्खियों में है — दुलारचंद यादव की हत्या और अनंत सिंह की गिरफ्तारी के बाद। यहां आरजेडी की वीणा देवी और अनंत सिंह के बीच “बाहुबल बनाम बहुबल” का मुकाबला है। जनता बोले — “यहां हर वोट बुलेटप्रूफ जैकेट पहनकर पड़ता है।”
अलीनगर सीट: मैथिली ठाकुर की ‘पहली परीक्षा’
भाजपा ने पहली बार लोकप्रिय गायिका मैथिली ठाकुर को टिकट दिया है। वो आरजेडी के विनोद मिश्रा से आमने-सामने हैं। ये सीट अब मिथिला की “संगीतमयी राजनीति” का नया मंच बन चुकी है।
समर्थक बोले — “इस बार सुरों से नहीं, वोटों से जीत की तान छेड़ी जाएगी।”
छपरा सीट: भोजपुरी तड़का — खेसारी लाल का चुनावी डेब्यू
छपरा में भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव ने आरजेडी टिकट पर एंट्री मारी है। उनके सामने बीजेपी की छोटी कुमारी और निर्दलीय राखी गुप्ता हैं। यह सीट अब “चुनावी मंच” से ज़्यादा “भोजपुरी ब्लॉकबस्टर सेट” बन चुकी है।
पोस्टर लाइन — अबकी बार स्टार सरकार!”
लखीसराय सीट: डिप्टी सीएम विजय सिन्हा की साख दांव पर
विजय सिन्हा लगातार तीन बार जीत चुके हैं। इस बार कांग्रेस के अमरेश कुमार उन्हें चुनौती दे रहे हैं। यह सीट सत्ता और विपक्ष दोनों के लिए “प्रतिष्ठा का मैदान” बन गई है। एक मतदाता बोला — “सत्ता की साइड में रोड थोड़ी टूटी है, पर नेता अभी खड़े हैं।”
महुआ सीट: तेज प्रताप की ‘रिटर्न ऑफ़ प्रिंस’
तेज प्रताप यादव अपनी “महुआ इमेज” वापस पाने में जुटे हैं। उनके सामने मुकेश रोशन (जेडीयू) और संजय कुमार सिंह (LJP) हैं।
सियासी हलकों में मज़ाक है — “तेज प्रताप राजनीति में रिटर्न तो कर गए, पर जनता Netflix मोड में है — ‘Skip Intro’।”
बेगूसराय सीट: लाल से भगवा में रंग बदलती राजनीति
पहले वामपंथ का गढ़ रही बेगूसराय सीट पर अब बीजेपी के कुंदन कुमार और कांग्रेस की अमिता भूषण में सीधी टक्कर है।
बेगूसराय अब “आईडियोलॉजी का लेब टेस्ट” बन चुका है।
बांकीपुर सीट: नितिन नवीन की ‘4th बार की कोशिश’
पटना की इस अर्बन सीट पर बीजेपी के नितिन नवीन फिर मैदान में हैं। आरजेडी से रेखा गुप्ता उनकी चुनौती बनकर उतरी हैं।
पॉलिटिकल एक्सपर्ट बोले — “बांकीपुर में EVM से पहले Wi-Fi का सिग्नल देखना जरूरी है।”
दरभंगा शहरी: मिथिलांचल का त्रिकोणीय मुकाबला
यहां बीजेपी के मंत्री संजय सरावगी, जन सुराज के पूर्व आईपीएस आरके मिश्रा, और वीआईपी के उमेश सहनी के बीच मुकाबला है।
मिथिला में अब कविता नहीं, वोटों की गिनती गूंज रही है।
पहले चरण की बड़ी तस्वीर
- एनडीए: जेडीयू 57, बीजेपी 48, LJP(रामविलास) 13, RLSP 2
- महागठबंधन: आरजेडी 71, कांग्रेस 24, वामदल 14
- अन्य: वीआईपी 6, भाकपा 6, सीपीएम 3, IIP 2,
- जन सुराज (PK): 118 सीटों पर मैदान में
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